टोंक के प्रसिद्ध व्यक्तित्व : Famous personalities of Tonk
प्रोफेसर गोकुल लाल असावा
देवली में 2 अक्टूबर 1901 में जन्म।
1945 में शाहपुरा राज्य प्रजा मंडल के अध्यक्ष बने।
विद्रोही स्वभाव ,निष्ठा पूर्ण समर्पण ,आदित्य प्रतिभा के धनी व प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी।
राजस्थान संघ के भी प्रधान मंत्री बनाए गए।
डॉ प्रभुलाल सैनी
जन्म- 25 सितंबर 1954 आंवा ग्राम
2003 से 2008 तक टोंक उनियारा विधानसभा क्षेत्र से विधायक और तत्कालीन सरकार में कृषि मंत्री रहे ।
2009 -2013 हिंडोली से विधायक रहे।
2013 से अंता विधायक और कृषि व पशुपालन मंत्री।
सुश्री छवि राजावत
जन्म -1980 जयपुर
टोंक जिले के छोटे से गांव सोडा की सरपंच हैं ।
ये भारत की सबसे कम उम्र की और शायद एक मात्र MBA सरपंच है ।
नवंबर 2013 में स्थापित भारतीय महिला बैंक की एक निदेशक भी है ।
पुणे के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मॉडर्न मैनेजमेंट से एमबीए छवि कई नामी कॉरपोरेट कंपनियों में काम कर चुकी है ।
2011 में छवि ने संयुक्त राष्ट्र संघ में आयोजित 11 वें इन्फो पोवेर्टी विश्व सम्मेलन में दुनियाभर के मंत्रियों व राजदूतों को संबोधित किया
भारतीय युवा नेत्री का खिताब- देश को दिशा देने वाले 8 भारतीय युवा नेताओं में से एक होने का गौरव प्राप्त हुआ ।
मई 2011 में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा सम्मानित।
इन्ही के प्रयासों से सोडा ग्राम पंचायत देश की पहली ई पंचायत बनी।
श्रीमान रमेश मुकुल
जन्म 6 अगस्त 1974
लगभग 20 वर्षों से महिला शिक्षा प्रोत्साहन के लिए प्रयासरत।
Tonk से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां
तामड़ा / गारनेट – कल्याणपुरा (गांवड़ी) से राजमहल तक गारनेट के भंडार प्राप्त हुए हैं।
टोंक में रेढ़ के पास अभ्रक के भंडार प्राप्त हुए है।
रानीपुरा – आखेट निषिद्ध क्षेत्र (काले हिरण के लिए)
संपूर्ण परिवार की फोटो BPL कार्ड पर जारी करने वाला पहला जिला।
भारत में एकमात्र जगह जहां ऊंट की कुर्बानी दी जाती है।
मालपुरा में चांद सेन बांध पर चांद सेन पशु मेला भरता है।
टोंक के नमदे व गलीचे प्रसिद्ध है।
NH 12 पर सोयला गांव में मिर्ची मंडी स्थित है।
ऐसा जिला मुख्यालय जो रेल मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ नहीं है।
देवड़ा वास राजहंस हाईटेक नर्सरी
सेंटर फॉर एक्सीलेंस के तहत टोडारायसिंह के पास थडोली ग्राम में 10 करोड़ की लागत से नर्सरी तैयार की जाएगी इसमें जैतून व नारियल की खेती की जाएगी सरकार ने इसके लिए प्रथम किस्त में दो करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं।
इस क्षेत्र की कुप्रथा – नाता प्रथा तथा झगड़ा
नाता – विवाहित महिला किसी दूसरे पुरुष के साथ रह सकती है। जब उसके पहले पति को मुआवजे की रकम दी जाएगी इस राशि को झगड़ा कहा जाता है जो कि एक प्रकार से विवाह के समय हुए खर्च की भरपाई होती है।