EPFO 3.0: अब UPI-ATM से निकाल सकेंगे PF का पैसा, जानें नए नियम और लिमिट

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों खाताधारकों के लिए एक बहुत बड़ा डिजिटल अपडेट लेकर आया है, जिसे EPFO 3.0 नाम दिया गया है। इस नए अपडेट के बाद पीएफ (PF) से पैसा निकालना पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा।
अब नौकरीपेशा लोग जरूरत पड़ने पर UPI और ATM के जरिए भी अपने पीएफ का पैसा निकाल सकेंगे।

आइए जानते हैं कि यह पूरी व्यवस्था कैसे काम करेगी, इसकी सीमा (Limit) क्या है और आपको इसके लिए क्या करना होगा।

EPFO 3.0 के तहत UPI-ATM से PF निकासी, 75% तक रकम की सुविधा और आधार OTP वेरिफिकेशन लागू।
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EPFO 3.0 के तहत UPI-ATM से PF निकासी, 75% तक रकम की सुविधा और आधार OTP वेरिफिकेशन लागू।

EPFO 3.0 की मुख्य विशेषताएं (Key Features)

अब तक PF का पैसा निकालने के लिए ऑनलाइन क्लेम करने के बाद भी बैंक खाते में पैसे आने में कई दिनों का समय लग जाता था। लेकिन नई तकनीक आने के बाद नियमों में ये बड़े बदलाव होने जा रहे हैं:

  • तुरंत पैसा (Instant Withdrawal): अब आपको हफ़्तों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। UPI और ATM की मदद से पैसे तुरंत आपके हाथ में होंगे।
  • 75% तक रकम निकालने की सुविधा: इस नए अपडेट के बाद खाताधारक अपनी कुल जमा राशि का 75% तक हिस्सा एडवांस या जरूरत के वक्त निकाल सकते हैं।
  • खास ATM कार्ड: इस सुविधा को और आसान बनाने के लिए EPFO द्वारा विशेष ATM कार्ड भी दिए जाएंगे, जिससे सीधे पीएफ खाते से कैश निकाला जा सकेगा।

कैसे होगा वेरिफिकेशन? (Aadhaar OTP Verification)

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और सुरक्षित बनाया गया है।

  • जब भी आप UPI या ATM के जरिए पैसा निकालने की प्रक्रिया शुरू करेंगे, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक Aadhaar OTP (वन टाइम पासवर्ड) भेजा जाएगा।
  • इस आधार ओटीपी वेरिफिकेशन के सफल होने के बाद ही आपके खाते से पैसे ट्रांसफर या डिस्पेंस (निकले) होंगे। इससे किसी भी तरह के फ्रॉड या धोखाधड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी।

इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए जरूरी शर्तें

अगर आप भी UPI या ATM के जरिए अपने पीएफ का पैसा निकालना चाहते हैं, तो आपका PF अकाउंट पूरी तरह अपडेट होना चाहिए: जरूरी आवश्यकताएं विवरण UAN एक्टिव होना चाहिए आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) एक्टिवेट होना जरूरी है। आधार लिंक (Aadhaar Seeding) आपका PF खाता आपके आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य है, क्योंकि वेरिफिकेशन आधार OTP से ही होगा। बैंक खाता और पैन आपका सही बैंक अकाउंट नंबर, IFSC कोड और PAN कार्ड आपके UAN से जुड़ा होना चाहिए।

निष्कर्ष (Conclusion)

EPFO 3.0 का यह कदम नौकरीपेशा लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। मेडिकल इमरजेंसी या किसी अचानक आई जरूरत के वक्त अब लोगों को पैसों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। 75% तक रकम निकालने की सुविधा और UPI-ATM का सपोर्ट पीएफ (PF) को एक बेहद सुलभ और आधुनिक फाइनेंशियल टूल बना देता है।
अगर आपने अभी तक अपना UAN और आधार लिंक नहीं किया है, तो आज ही इस काम को पूरा कर लें ताकि आप इस नई सुविधा का लाभ उठा सकें!

Farmer Registry: राजसमंद और सिरोही में कल से लागू होगी नई उर्वरक वितरण प्रणाली, जानें कैसे मिलेगी खाद

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राजस्थान में कृषि डिजिटल क्रांति: अब ‘फार्मर रजिस्ट्री’ से मिलेगी सब्सिडी वाली खाद

राजस्थान के कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार, भारत सरकार की एग्रीस्टेक (AgriStack) योजना के तहत तैयार फार्मर रजिस्ट्री का उपयोग करते हुए ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल्स’ (FFS) प्रणाली लागू की जा रही है।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस नई व्यवस्था को प्रदेश के दो जिलों — राजसमंद और सिरोही में 25 जून 2026 से प्रभावी कर दिया गया है।

उर्वरक वितरण प्रणाली (FFS) का मुख्य उद्देश्य

कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा किसानों को उर्वरकों (खाद) पर भारी सब्सिडी दी जाती है। इस नई डिजिटल पहल के पीछे मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • वास्तविक किसानों को लाभ: सब्सिडी का सीधा फायदा केवल उन्हीं किसानों को मिले जो वास्तव में खेती कर रहे हैं।
  • कालाबाजारी पर रोक: खाद की जमाखोरी, अवैध बिक्री और गैर-कृषि कार्यों (औद्योगिक उपयोग) में इसके दुरुपयोग को रोकना।
  • पारदर्शिता: उर्वरकों के वितरण में पूर्ण पारदर्शिता लाना और स्टॉक प्रबंधन (Stock Management) को मजबूत करना।

घर बैठे मिलेगी खाद: जानें कैसे काम करेगा नया डिजिटल टोकन सिस्टम

इस डिजिटल प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब किसानों को खाद के लिए लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। किसान अब नीचे दिए गए चरणों के अनुसार आसानी से खाद प्राप्त कर सकेंगे:

  1. ऑनलाइन बुकिंग
    घर बैठे या ई-मित्र से
    किसान अपने मोबाइल से घर बैठे या नजदीकी ई-मित्र (e-Mitra) केंद्र के माध्यम से अनुदानित उर्वरकों (Subsidized Fertilizer) की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे।
  2. डिजिटल टोकन जनरेशन
    टोकन की वैधता 48 घंटे
    बुकिंग सफल होने पर किसान के मोबाइल पर एक डिजिटल टोकन प्राप्त होगा। ध्यान रहे, यह टोकन जनरेट होने के बाद अधिकतम 48 घंटे के लिए ही वैध (Valid) रहेगा।
  3. डीलर से खाद प्राप्त करना
    पहचान का सत्यापन
    टोकन मिलने के बाद किसान अपने नजदीकी उर्वरक डीलर (Fertilizer Dealer) के पास जाकर तय समय सीमा के भीतर अपनी खाद कलेक्ट कर सकेंगे।

महत्वपूर्ण नोट: इस व्यवस्था से वास्तविक किसानों की पहचान तुरंत सुनिश्चित होगी और खाद वितरण में होने वाली गड़बड़ियों पर पूरी तरह लगाम लगेगी।

फार्मर आईडी (Farmer ID) बनाने में राजस्थान देश में अग्रणी

राजस्थान ने डिजिटल एग्रीकल्चर की दिशा में एक बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य में अब तक 86.66 लाख किसानों की ‘फार्मर आईडी’ (Farmer ID) तैयार की जा चुकी है, जिसके साथ ही राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल हो गया है।

पायलट प्रोजेक्ट के लिए प्रशासन की तैयारियां

राजसमंद और सिरोही जिलों में इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए कृषि विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं:

  1. IFMS पोर्टल अपडेट: सभी उर्वरक विक्रेताओं (Dealers) की जानकारी को IFMS पोर्टल पर अपडेट कर दिया गया है।
  2. लाइसेंस और प्राधिकार पत्र: डीलर्स के प्राधिकार पत्रों (Authorization Letters) को अद्यतन किया जा रहा है।
  3. विशेष प्रशिक्षण: मास्टर ट्रेनर्स की नियुक्ति कर दी गई है और सभी निजी व सहकारी उर्वरक विक्रेताओं को विशेष ट्रेनिंग दी गई है।
    कृषि विभाग द्वारा इन दोनों जिलों में उर्वरकों की उपलब्धता और स्टॉक की नियमित रूप से ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि सीजन के समय किसानों को खाद की कोई कमी न हो।
    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
    FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)
    यहाँ फार्मर रजिस्ट्री आधारित नई उर्वरक वितरण प्रणाली से जुड़े कुछ मुख्य सवालों के जवाब दिए गए हैं:
    Q1. ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल्स’ (FFS) प्रणाली राजस्थान के किन जिलों में शुरू की गई है?
    उत्तर: पायलट प्रोजेक्ट (प्रायोगिक तौर पर) के रूप में इस नई व्यवस्था को राजस्थान के दो जिलों — राजसमंद और सिरोही में 25 जून 2026 से लागू किया गया है। इन जिलों में सफलता के बाद इसे पूरे राज्य में लागू किया जा सकता है।
    Q2. नया डिजिटल टोकन जनरेट होने के बाद कितने समय तक वैध (Valid) रहेगा?
    उत्तर: ऑनलाइन बुकिंग के बाद मिलने वाला डिजिटल टोकन अधिकतम 48 घंटे के लिए ही वैध रहेगा। किसानों को इस समय सीमा के भीतर अपने नजदीकी खाद डीलर के पास जाकर उर्वरक कलेक्ट करना होगा।
    Q3. किसान खाद (उर्वरक) की एडवांस बुकिंग कैसे कर सकते हैं?
    उत्तर: किसान अपनी सुविधा के अनुसार घर बैठे अपने मोबाइल से या अपने नजदीकी ई-मित्र (e-Mitra) केंद्र पर जाकर अनुदानित खाद की ऑनलाइन बुकिंग करा सकते हैं।
    Q4. सरकार द्वारा इस नई डिजिटल प्रणाली को लागू करने का मुख्य कारण क्या है?
    उत्तर: इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य खाद की कालाबाजारी, अवैध जमाखोरी और गैर-कृषि कार्यों (जैसे फैक्ट्रियों में) में इसके उपयोग को रोकना है, ताकि सरकारी सब्सिडी का सीधा लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद किसानों तक ही पहुंचे।

राजस्थान करंट अफेयर्स जून 2026: UCC ड्राफ्ट कमेटी, वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना और CET नोटिफिकेशन

जून 2026 के नवीनतम राजस्थान करंट अफेयर्स (Rajasthan Current Affairs) से अपडेट रहें। जानें राजस्थान समान नागरिक संहिता (UCC) ड्राफ्ट कमेटी, वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026 और RSSB CET 12th Level भर्ती के मुख्य बिंदु।


प्रस्तावना (Introduction)


यदि आप RPSC, RSSB CET, LDC, REET या पटवार जैसी राजस्थान की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो राज्य स्तरीय नीतियों और प्रशासनिक निर्णयों से अपडेट रहना आपके लिए बेहद जरूरी है। जून 2026 का यह महीना राजस्थान में कई बड़े नीतिगत बदलावों और महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं को लेकर आया है।
आइए जानते हैं इस महीने के उन मुख्य घटनाक्रमों को जो आपकी आगामी परीक्षाओं के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं।
1. राजस्थान में समान नागरिक संहिता (UCC) ड्राफ्ट के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन**
एक ऐतिहासिक विधायी कदम उठाते हुए, राजस्थान राज्य सरकार ने **22 जून 2026** को **’द राजस्थान यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC), 2026’** का मसौदा (Draft) तैयार करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति के गठन की आधिकारिक घोषणा की है।

UCC पैनल की मुख्य बातें:


अध्यक्षता: इस समिति की कमान सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश, जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को सौंपी गई है।
मुख्य सदस्य: इस पैनल में पूर्व आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, राजस्थान उच्च न्यायालय के अतिरिक्त महाधिवक्ता बसंत सिंह छाबा और डॉ. शुचि चौहान शामिल हैं। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव इसके सदस्य-सचिव के रूप में कार्य करेंगे।
प्रस्तावित प्रावधान: इस कानून के तहत शादियों और तलाक का अनिवार्य पंजीकरण, बहुविवाह (Polygamy) पर पूर्ण रोक, लिव-इन रिलेशनशिप का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन और बेटे-बेटियों को पैतृक संपत्ति में समान अधिकार देने जैसे बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
जनजातीय सुरक्षा: सरकार ने स्पष्ट किया है कि संविधान की पांचवीं और छठी अनुसूची के तहत संरक्षित अनुसूचित जनजाति (ST) समुदायों के रीति-रिवाजों, परंपराओं और अधिकारों को इस कानून के प्रभाव से मुक्त और सुरक्षित रखा जाएगा।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु (Polity): भारतीय संविधान का अनुच्छेद 44 (Article 44)** राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP) के तहत समान नागरिक संहिता की बात करता है। वर्तमान में गोवा एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ पुर्तगाली सिविल कोड (1867) के समय से ही UCC लागू है, जबकि उत्तराखंड ने हाल ही में इसे पारित किया है।

2. वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026 का शुभारंभ

राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग ने **वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026** के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कल्याणकारी योजना के तहत राज्य के बुजुर्गों को पूरी तरह से मुफ्त और सरकारी खर्च पर तीर्थ यात्रा कराई जाती है।

योजना की खास बातें:

कुल लाभार्थी:** इस साल कुल 56,000 वरिष्ठ नागरिकों का चयन कंप्यूटरीकृत लॉटरी (Draw) के जरिए किया जाएगा।

* **यात्रा के माध्यम:** इनमें से 6,000 तीर्थयात्रियों को नेपाल के काठमांडू स्थित प्रसिद्ध **पशुपतिनाथ मंदिर** के लिए मुफ्त हवाई यात्रा का लाभ मिलेगा। शेष 50,000 यात्री भारत के 13 प्रमुख धार्मिक स्थलों (जैसे अयोध्या, वाराणसी, हरिद्वार और द्वारका) की यात्रा विशेष वातानुकूलित (AC) ट्रेनों से करेंगे।

* **पात्रता (Eligibility):** आवेदक राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए और 1 अप्रैल 2026 को उसकी आयु **60 वर्ष या उससे अधिक** होनी चाहिए। 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को अपने साथ एक सहायक (Attendant) ले जाने की अनुमति है, जिसका खर्च भी सरकार ही उठाएगी।

3. RSSB ने जारी किया राजस्थान CET 12th Level नोटिफिकेशन 2026

युवाओं और नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने **24 जून 2026** को **समान पात्रता परीक्षा (CET) सीनियर सेकेंडरी (12th Level) 2026** का विस्तृत नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

यह परीक्षा राजस्थान पुलिस कांस्टेबल, वनपाल (Forester), क्लर्क ग्रेड-II (LDC) और छात्रावास अधीक्षक जैसी कई लोकप्रिय सरकारी नौकरियों के लिए एक अनिवार्य पात्रता परीक्षा है।

जरूरी तारीखें और नियम:**

आवेदन की अवधि: ऑनलाइन फॉर्म 24 जून 2026 से शुरू होकर 23 जुलाई 2026 तक भरे जा सकते हैं।

*योग्यता और आयु सीमा: उम्मीदवार का 12वीं (सीनियर सेकेंडरी) पास होना जरूरी है। आयु सीमा 18 से 40 वर्ष तय की गई है (आयु की गणना 1 जनवरी 2027 के आधार पर होगी)। आरक्षित वर्गों और महिला अभ्यर्थियों को नियमानुसार छूट मिलेगी।

*वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) शुल्क: सामान्य वर्ग, क्रीमी लेयर के OBC/MBC के लिए ₹600, जबकि नॉन-क्रीमी लेयर के OBC/EWS, SC और ST वर्ग के लिए ₹400 शुल्क निर्धारित है।

निष्कर्ष (Conclusion)

जून 2026 का यह महीना राजस्थान के प्रशासनिक और रोजगार परिदृश्य के लिए काफी हलचल भरा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई समिति और संविधान के अनुच्छेद 44 से जुड़े तथ्य बेहद महत्वपूर्ण हैं, जिन्हें आपको अपने नोट्स में जरूर शामिल कर लेना चाहिए।