अग्निपथ योजना क्या है? जानिए योग्यता, सैलरी और अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया की पूरी जानकारी

भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में युवाओं को देश सेवा का मौका देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) चलाई जा रही है। इस योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले जवानों को ‘अग्निवीर’ (Agniveer)  कहा जाता है। यदि आप भी भारतीय सेना में शामिल होकर देश की रक्षा करना चाहते हैं, तो इस ब्लॉग पोस्ट में आपको अग्निवीर भर्ती से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जैसे- योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और सैलरी पैकेज की पूरी डिटेल मिलेगी।

1. अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) क्या है?

अग्निपथ योजना भारतीय सशस्त्र बलों (Armed Forces) की तीनों शाखाओं में सैनिकों की भर्ती के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की योजना है। इसके तहत युवाओं को 4 साल के लिए सेना में सेवा करने का अवसर मिलता है। * 4 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद, कुल अग्निवीरों में से 25% को स्थायी (Permanent) कैडर में शामिल किया जाएगा।  शेष 75% अग्निवीरों को एक आकर्षक सेवा निधि पैकेज के साथ सेवामुक्त कर दिया जाएगा।

2. अग्निवीर बनने के लिए पात्रता (Eligibility Criteria)

अग्निवीर भर्ती के लिए आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को निम्नलिखित पात्रता मानदंडों को पूरा करना आवश्यक है:

आयु सीमा (Age Limit)  न्यूनतम आयु: 17.5 वर्ष**  अधिकतम आयु: 21 वर्ष (नोट: सभी पदों जैसे GD, Technical, Clerk और Tradesman के लिए यही आयु सीमा लागू होती है।)  शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification)पदों के अनुसार शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग होती है: अग्निवीर जनरल ड्यूटी (GD):न्यूनतम 45% अंकों के साथ 10वीं पास (प्रत्येक विषय में कम से कम 33% अंक होना अनिवार्य)। अग्निवीर तकनीकी (Technical): 12वीं पास (Physics, Chemistry, Maths और English) न्यूनतम 50% अंकों के साथ। अग्निवीर क्लर्क / स्टोर कीपर न्यूनतम 60% अंकों के साथ 12वीं पास (Commerce, Science या Arts)।

अग्निवीर ट्रेड्समैन: पद के अनुसार 8वीं या 10वीं पास साधारण रूप से।

3. चयन प्रक्रिया (Selection Process)

अग्निवीर बनने के लिए उम्मीदवारों को निम्नलिखित चरणों से गुजरना पड़ता है:

1. चरण 1 – ऑनलाइन परीक्षा (CEE):सबसे पहले कंप्यूटर आधारित कंबाइंड एंट्रेंस एग्जाम (Computer Based Test) लिया जाता है।

2. चरण 2 – शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET/PMT): लिखित परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को दौड़ (1.6 KM), पुल-अप्स और अन्य फिजिकल टेस्ट पास करने होते हैं।

3. चरण 3 – मेडिकल टेस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन: शारीरिक रूप से फिट उम्मीदवारों का मेडिकल परीक्षण और दस्तावेजों की जांच की जाती है। 4. चरण 4 – फाइनल मेरिट लिस्ट: सभी चरणों के अंकों के आधार पर अंतिम चयन सूची तैयार की जाती है।

4. सैलरी और सेवा निधि पैकेज (Salary Structure)

4 साल के सेवाकाल के दौरान अग्निवीरों को हर महीने आकर्षक सैलरी मिलती है, जो हर साल बढ़ती है:

4 साल बाद ‘सेवा निधि’ पैकेज

4 साल पूरे होने पर, अग्निवीर के वेतन से कटा हुआ फंड और उतना ही हिस्सा सरकार मिलाकर कुल लगभग ₹ 11.71 लाख (ब्याज सहित) का ‘सेवा निधि’ पैकेज देती है, जो पूरी तरह से टैक्स-फ्री (Tax-Free) होता है।

5. 4 साल के बाद मिलने वाले अन्य लाभ

जो 75% अग्निवीर सेवामुक्त होंगे, उनके लिए केंद्र और कई राज्य सरकारों ने विशेष प्रावधान किए हैं:

  • नौकरियों में आरक्षण: सीएपीएफ (CAPF), असम राइफल्स, रेलवे और राज्य पुलिस भर्तियों (जैसे हाल ही में गुजरात सरकार द्वारा क्लास III पदों पर 20% कोटा) में अग्निवीरों को प्राथमिकता व आरक्षण दिया जाता है। 
  • आयु सीमा में छूट:राज्य और केंद्र सरकार की कई अन्य नौकरियों में पूर्व-अग्निवीरों को 3 से 5 वर्ष तक की आयु सीमा में छूट मिलती है।
  • स्किल सर्टिफिकेट: सेना में 4 साल रहने के दौरान युवाओं को ‘अग्निवीर स्किल सर्टिफिकेट’ दिया जाता है, जिससे उन्हें कॉर्पोरेट सेक्टर में आसानी से जॉब मिल सके।
  • लाइफ इंश्योरेंस: सेवाकाल के दौरान अग्निवीरों को ₹48 लाख का गैर-अंशदायी जीवन बीमा कवर भी मिलता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

अग्निपथ योजना देश के युवाओं को कम उम्र में अनुशासित, कुशल और आत्मनिर्भर बनाने का एक बेहतरीन जरिया है। यदि आप देश सेवा के साथ अपने करियर को एक नई दिशा देना चाहते हैं, तो आपको इस भर्ती के लिए जरूर तैयारी करनी चाहिए। क्या आपके मन में अग्निवीर भर्ती को लेकर कोई और सवाल है? नीचे कमेंट बॉक्स में पूछें और इस जानकारी को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें!

Rajasthan Current Affairs Today in Hindi

Rajasthan Current Affairs Today in Hindi: आज के मुख्य समाचार और RPSC परीक्षा अपडेट्स

यदि आप RAS, REET, CET, या राजस्थान पटवारी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो दैनिक समाचारों से अपडेट रहना आपके लिए बेहद जरूरी है। आज के दिन पिंक सिटी (जयपुर) को वैश्विक स्तर पर एक बड़ी पहचान मिली है, साथ ही राज्य में कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं और शैक्षिक घोषणाओं की शुरुआत हुई है।
यहाँ आज के मुख्य राजस्थान करंट अफेयर्स का पूरा विवरण दिया गया है।

1. ‘टाइम आउट’ की बेस्ट कल्चरल सिटीज 2026 में जयपुर को मिला दुनिया में 18वां स्थान

भारत के हेरिटेज टूरिज्म के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। लंदन की प्रसिद्ध पत्रिका Time Out द्वारा जारी ‘वर्ल्ड्स बेस्ट सिटीज फॉर आर्ट एंड कल्चर 2026’ में जयपुर को दुनिया भर में 18वां स्थान मिला है।

  • भारत का एकमात्र शहर: इस वैश्विक टॉप-20 लिस्ट में जगह बनाने वाला जयपुर पूरे भारत का एकमात्र शहर है।
  • रैंकिंग का आधार: इस रैंकिंग के लिए दुनिया के 150 से अधिक शहरों के म्यूजियम, आर्ट गैलरीज, स्ट्रीट आर्ट, थिएटर और ऐतिहासिक स्मारकों की गुणवत्ता व उनके किफायती होने का मूल्यांकन किया गया था।
  • ग्लोबल लीडर्स: इस सूची में लंदन, पेरिस और न्यूयॉर्क ने शीर्ष तीन स्थान हासिल किए हैं, जबकि जयपुर को इसके समृद्ध कलात्मक समुदाय, जीवंत त्योहारों और पारंपरिक हस्तशिल्प के लिए सराहा गया।

2. वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026 के लिए आवेदन शुरू

राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग ने वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026 (Varishth Nagrik Tirth Yatra Yojana) के लिए पंजीकरण प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है। मुख्य विवरण योजना की खास बातें कुल लाभार्थी 56,000 वरिष्ठ नागरिक (चयन पूरी तरह पारदर्शी लॉटरी सिस्टम द्वारा होगा)। आयु सीमा आवेदन करने वाले राजस्थान के मूल निवासी होने चाहिए और 1 अप्रैल 2026 को उनकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। हवाई यात्रा (6,000 तीर्थयात्री) काठमांडू (नेपाल) स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के लिए मुफ्त हवाई यात्रा। रेल यात्रा (50,000 तीर्थयात्री) देश के 13 प्रमुख तीर्थ स्थलों (जैसे अयोध्या, वाराणसी, रामेश्वरम) के लिए मुफ्त एसी ट्रेन सफर। विशेष प्रावधान 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग अपने साथ एक सहायक (अटेंडेंट) को पूरी तरह मुफ्त ले जा सकते हैं।

3. राजस्थान PTET 2026 का परीक्षा परिणाम घोषित

शिक्षण क्षेत्र में करियर बनाने की राह देख रहे युवाओं के लिए वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (VMOU), कोटा ने राजस्थान प्री-टीचर एजुकेशन टेस्ट (PTET) 2026 के परिणाम आधिकारिक तौर पर जारी कर दिए हैं।

  • परीक्षा टाइमलाइन: यह परीक्षा 14 जून 2026 को 2-वर्षीय बी.एड (B.Ed) और 4-वर्षीय इंटीग्रेटेड बी.ए. बी.एड / बी.एससी. बी.एड पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की गई थी।
  • आगे की प्रक्रिया: उम्मीदवार अपना स्कोरकार्ड आधिकारिक पोर्टल (ptetvmoukota2026.in) पर देख सकते हैं। VMOU अगले सप्ताह से ऑनलाइन काउंसलिंग और कॉलेज अलॉटमेंट का शेड्यूल जारी करेगा।

4. क्विक हाइलाइट्स: रीको (RIICO) और सांस्कृतिक विरासत

  • इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार: राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन (RIICO) ने राजस्थान इंडस्ट्रियल पार्क प्रमोशन पॉलिसी 2026 के मॉडल ए और मॉडल डी के लिए बोलियां (bids) जमा करने की तारीख बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दी है। इससे राज्य के औद्योगिक विकास को रफ्तार मिलेगी।
  • थेवा कला (Thewa Art) फिर चर्चा में: प्रतापगढ़ की 400 साल पुरानी प्रसिद्ध थेवा कला—जिसमें रंगीन कांच पर 23-कैरेट सोने की बेहद बारीक नक्काशी की जाती है—एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है। इसे राजस्थान के हस्तशिल्प के रूप में वीआईपी गेस्ट्स को दिए जाने वाले प्रीमियम स्टेट-गिफ्ट्स में शामिल किया गया है।

RPSC परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs)

प्रश्न 1. ‘टाइम आउट’ की “वर्ल्ड्स बेस्ट सिटीज फॉर आर्ट एंड कल्चर 2026” की सूची में भारत के किस शहर को शामिल किया गया है?
A) उदयपुर
B) नई दिल्ली
C) जयपुर
D) मुंबई
प्रश्न 2. राजस्थान वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026 के तहत कितने तीर्थयात्रियों को काठमांडू के लिए मुफ्त हवाई यात्रा पर भेजा जाएगा?
A) 5,000
B) 6,000
C) 10,000
D) 50,000
उत्तर: Q1: C (जयपुर), Q2: B (6,000 तीर्थयात्री)

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Farmer Registry: राजसमंद और सिरोही में कल से लागू होगी नई उर्वरक वितरण प्रणाली, जानें कैसे मिलेगी खाद

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राजस्थान में कृषि डिजिटल क्रांति: अब ‘फार्मर रजिस्ट्री’ से मिलेगी सब्सिडी वाली खाद

राजस्थान के कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार, भारत सरकार की एग्रीस्टेक (AgriStack) योजना के तहत तैयार फार्मर रजिस्ट्री का उपयोग करते हुए ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल्स’ (FFS) प्रणाली लागू की जा रही है।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस नई व्यवस्था को प्रदेश के दो जिलों — राजसमंद और सिरोही में 25 जून 2026 से प्रभावी कर दिया गया है।

उर्वरक वितरण प्रणाली (FFS) का मुख्य उद्देश्य

कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा किसानों को उर्वरकों (खाद) पर भारी सब्सिडी दी जाती है। इस नई डिजिटल पहल के पीछे मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • वास्तविक किसानों को लाभ: सब्सिडी का सीधा फायदा केवल उन्हीं किसानों को मिले जो वास्तव में खेती कर रहे हैं।
  • कालाबाजारी पर रोक: खाद की जमाखोरी, अवैध बिक्री और गैर-कृषि कार्यों (औद्योगिक उपयोग) में इसके दुरुपयोग को रोकना।
  • पारदर्शिता: उर्वरकों के वितरण में पूर्ण पारदर्शिता लाना और स्टॉक प्रबंधन (Stock Management) को मजबूत करना।

घर बैठे मिलेगी खाद: जानें कैसे काम करेगा नया डिजिटल टोकन सिस्टम

इस डिजिटल प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब किसानों को खाद के लिए लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। किसान अब नीचे दिए गए चरणों के अनुसार आसानी से खाद प्राप्त कर सकेंगे:

  1. ऑनलाइन बुकिंग
    घर बैठे या ई-मित्र से
    किसान अपने मोबाइल से घर बैठे या नजदीकी ई-मित्र (e-Mitra) केंद्र के माध्यम से अनुदानित उर्वरकों (Subsidized Fertilizer) की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे।
  2. डिजिटल टोकन जनरेशन
    टोकन की वैधता 48 घंटे
    बुकिंग सफल होने पर किसान के मोबाइल पर एक डिजिटल टोकन प्राप्त होगा। ध्यान रहे, यह टोकन जनरेट होने के बाद अधिकतम 48 घंटे के लिए ही वैध (Valid) रहेगा।
  3. डीलर से खाद प्राप्त करना
    पहचान का सत्यापन
    टोकन मिलने के बाद किसान अपने नजदीकी उर्वरक डीलर (Fertilizer Dealer) के पास जाकर तय समय सीमा के भीतर अपनी खाद कलेक्ट कर सकेंगे।

महत्वपूर्ण नोट: इस व्यवस्था से वास्तविक किसानों की पहचान तुरंत सुनिश्चित होगी और खाद वितरण में होने वाली गड़बड़ियों पर पूरी तरह लगाम लगेगी।

फार्मर आईडी (Farmer ID) बनाने में राजस्थान देश में अग्रणी

राजस्थान ने डिजिटल एग्रीकल्चर की दिशा में एक बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य में अब तक 86.66 लाख किसानों की ‘फार्मर आईडी’ (Farmer ID) तैयार की जा चुकी है, जिसके साथ ही राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल हो गया है।

पायलट प्रोजेक्ट के लिए प्रशासन की तैयारियां

राजसमंद और सिरोही जिलों में इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए कृषि विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं:

  1. IFMS पोर्टल अपडेट: सभी उर्वरक विक्रेताओं (Dealers) की जानकारी को IFMS पोर्टल पर अपडेट कर दिया गया है।
  2. लाइसेंस और प्राधिकार पत्र: डीलर्स के प्राधिकार पत्रों (Authorization Letters) को अद्यतन किया जा रहा है।
  3. विशेष प्रशिक्षण: मास्टर ट्रेनर्स की नियुक्ति कर दी गई है और सभी निजी व सहकारी उर्वरक विक्रेताओं को विशेष ट्रेनिंग दी गई है।
    कृषि विभाग द्वारा इन दोनों जिलों में उर्वरकों की उपलब्धता और स्टॉक की नियमित रूप से ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि सीजन के समय किसानों को खाद की कोई कमी न हो।
    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
    FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)
    यहाँ फार्मर रजिस्ट्री आधारित नई उर्वरक वितरण प्रणाली से जुड़े कुछ मुख्य सवालों के जवाब दिए गए हैं:
    Q1. ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल्स’ (FFS) प्रणाली राजस्थान के किन जिलों में शुरू की गई है?
    उत्तर: पायलट प्रोजेक्ट (प्रायोगिक तौर पर) के रूप में इस नई व्यवस्था को राजस्थान के दो जिलों — राजसमंद और सिरोही में 25 जून 2026 से लागू किया गया है। इन जिलों में सफलता के बाद इसे पूरे राज्य में लागू किया जा सकता है।
    Q2. नया डिजिटल टोकन जनरेट होने के बाद कितने समय तक वैध (Valid) रहेगा?
    उत्तर: ऑनलाइन बुकिंग के बाद मिलने वाला डिजिटल टोकन अधिकतम 48 घंटे के लिए ही वैध रहेगा। किसानों को इस समय सीमा के भीतर अपने नजदीकी खाद डीलर के पास जाकर उर्वरक कलेक्ट करना होगा।
    Q3. किसान खाद (उर्वरक) की एडवांस बुकिंग कैसे कर सकते हैं?
    उत्तर: किसान अपनी सुविधा के अनुसार घर बैठे अपने मोबाइल से या अपने नजदीकी ई-मित्र (e-Mitra) केंद्र पर जाकर अनुदानित खाद की ऑनलाइन बुकिंग करा सकते हैं।
    Q4. सरकार द्वारा इस नई डिजिटल प्रणाली को लागू करने का मुख्य कारण क्या है?
    उत्तर: इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य खाद की कालाबाजारी, अवैध जमाखोरी और गैर-कृषि कार्यों (जैसे फैक्ट्रियों में) में इसके उपयोग को रोकना है, ताकि सरकारी सब्सिडी का सीधा लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद किसानों तक ही पहुंचे।