Farmer Registry: राजसमंद और सिरोही में कल से लागू होगी नई उर्वरक वितरण प्रणाली, जानें कैसे मिलेगी खाद

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राजस्थान में कृषि डिजिटल क्रांति: अब ‘फार्मर रजिस्ट्री’ से मिलेगी सब्सिडी वाली खाद

राजस्थान के कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार, भारत सरकार की एग्रीस्टेक (AgriStack) योजना के तहत तैयार फार्मर रजिस्ट्री का उपयोग करते हुए ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल्स’ (FFS) प्रणाली लागू की जा रही है।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस नई व्यवस्था को प्रदेश के दो जिलों — राजसमंद और सिरोही में 25 जून 2026 से प्रभावी कर दिया गया है।

उर्वरक वितरण प्रणाली (FFS) का मुख्य उद्देश्य

कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा किसानों को उर्वरकों (खाद) पर भारी सब्सिडी दी जाती है। इस नई डिजिटल पहल के पीछे मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • वास्तविक किसानों को लाभ: सब्सिडी का सीधा फायदा केवल उन्हीं किसानों को मिले जो वास्तव में खेती कर रहे हैं।
  • कालाबाजारी पर रोक: खाद की जमाखोरी, अवैध बिक्री और गैर-कृषि कार्यों (औद्योगिक उपयोग) में इसके दुरुपयोग को रोकना।
  • पारदर्शिता: उर्वरकों के वितरण में पूर्ण पारदर्शिता लाना और स्टॉक प्रबंधन (Stock Management) को मजबूत करना।

घर बैठे मिलेगी खाद: जानें कैसे काम करेगा नया डिजिटल टोकन सिस्टम

इस डिजिटल प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब किसानों को खाद के लिए लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। किसान अब नीचे दिए गए चरणों के अनुसार आसानी से खाद प्राप्त कर सकेंगे:

  1. ऑनलाइन बुकिंग
    घर बैठे या ई-मित्र से
    किसान अपने मोबाइल से घर बैठे या नजदीकी ई-मित्र (e-Mitra) केंद्र के माध्यम से अनुदानित उर्वरकों (Subsidized Fertilizer) की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे।
  2. डिजिटल टोकन जनरेशन
    टोकन की वैधता 48 घंटे
    बुकिंग सफल होने पर किसान के मोबाइल पर एक डिजिटल टोकन प्राप्त होगा। ध्यान रहे, यह टोकन जनरेट होने के बाद अधिकतम 48 घंटे के लिए ही वैध (Valid) रहेगा।
  3. डीलर से खाद प्राप्त करना
    पहचान का सत्यापन
    टोकन मिलने के बाद किसान अपने नजदीकी उर्वरक डीलर (Fertilizer Dealer) के पास जाकर तय समय सीमा के भीतर अपनी खाद कलेक्ट कर सकेंगे।

महत्वपूर्ण नोट: इस व्यवस्था से वास्तविक किसानों की पहचान तुरंत सुनिश्चित होगी और खाद वितरण में होने वाली गड़बड़ियों पर पूरी तरह लगाम लगेगी।

फार्मर आईडी (Farmer ID) बनाने में राजस्थान देश में अग्रणी

राजस्थान ने डिजिटल एग्रीकल्चर की दिशा में एक बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य में अब तक 86.66 लाख किसानों की ‘फार्मर आईडी’ (Farmer ID) तैयार की जा चुकी है, जिसके साथ ही राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल हो गया है।

पायलट प्रोजेक्ट के लिए प्रशासन की तैयारियां

राजसमंद और सिरोही जिलों में इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए कृषि विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं:

  1. IFMS पोर्टल अपडेट: सभी उर्वरक विक्रेताओं (Dealers) की जानकारी को IFMS पोर्टल पर अपडेट कर दिया गया है।
  2. लाइसेंस और प्राधिकार पत्र: डीलर्स के प्राधिकार पत्रों (Authorization Letters) को अद्यतन किया जा रहा है।
  3. विशेष प्रशिक्षण: मास्टर ट्रेनर्स की नियुक्ति कर दी गई है और सभी निजी व सहकारी उर्वरक विक्रेताओं को विशेष ट्रेनिंग दी गई है।
    कृषि विभाग द्वारा इन दोनों जिलों में उर्वरकों की उपलब्धता और स्टॉक की नियमित रूप से ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि सीजन के समय किसानों को खाद की कोई कमी न हो।
    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
    FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)
    यहाँ फार्मर रजिस्ट्री आधारित नई उर्वरक वितरण प्रणाली से जुड़े कुछ मुख्य सवालों के जवाब दिए गए हैं:
    Q1. ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल्स’ (FFS) प्रणाली राजस्थान के किन जिलों में शुरू की गई है?
    उत्तर: पायलट प्रोजेक्ट (प्रायोगिक तौर पर) के रूप में इस नई व्यवस्था को राजस्थान के दो जिलों — राजसमंद और सिरोही में 25 जून 2026 से लागू किया गया है। इन जिलों में सफलता के बाद इसे पूरे राज्य में लागू किया जा सकता है।
    Q2. नया डिजिटल टोकन जनरेट होने के बाद कितने समय तक वैध (Valid) रहेगा?
    उत्तर: ऑनलाइन बुकिंग के बाद मिलने वाला डिजिटल टोकन अधिकतम 48 घंटे के लिए ही वैध रहेगा। किसानों को इस समय सीमा के भीतर अपने नजदीकी खाद डीलर के पास जाकर उर्वरक कलेक्ट करना होगा।
    Q3. किसान खाद (उर्वरक) की एडवांस बुकिंग कैसे कर सकते हैं?
    उत्तर: किसान अपनी सुविधा के अनुसार घर बैठे अपने मोबाइल से या अपने नजदीकी ई-मित्र (e-Mitra) केंद्र पर जाकर अनुदानित खाद की ऑनलाइन बुकिंग करा सकते हैं।
    Q4. सरकार द्वारा इस नई डिजिटल प्रणाली को लागू करने का मुख्य कारण क्या है?
    उत्तर: इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य खाद की कालाबाजारी, अवैध जमाखोरी और गैर-कृषि कार्यों (जैसे फैक्ट्रियों में) में इसके उपयोग को रोकना है, ताकि सरकारी सब्सिडी का सीधा लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद किसानों तक ही पहुंचे।