गर्भाधान के प्रमुख रीति रिवाज 🔰
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(1) पुंसवन संस्कार- पुत्र प्राप्ति हेतू
2) सिमन्तोउन्नयन- माता व गर्भरथ शिशु की अविकारी शक्तियों से रक्षा करने के लिए।
(3) जातकर्म संस्कार
(4) नामकरण संस्कार
(5) निष्कर्मणसंस्कार – शिशु को जन्म के बाद पहली बार घर से बाहर ले जाने के लिए।
(6) अन्नप्रसान्न संस्कार- पहली बार अन्न खिलाने पर (बच्चे को)
(7) जडुला/ चुडाकर्म संस्कार – 2 या 3 वर्ष बाद प्रथम बार केस उतारने पर
(8) कर्णभेदन संस्कार
(9) उपनयन संस्कार- गुरू के पास भेजा जाता है।
(10) वेदारम्भ संस्कार – वेदों का अध्ययन शुरू करने पर
(11) गौदान संस्कार – ब्रहा्रचार्य आश्रम में प्रवेश
(12) समावर्तन संस्कार – शिक्षा समाप्ति पर
(13) विवाह संस्कार – गृहस्थ आश्रम में प्रवेश
(14) अन्तिम संस्कार- अत्येष्टि