17 August 2021 Current Affairs

17 August 2021 Current Affairs

1. कौनसा राज्य है जो भारत की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है ?
Ans. उत्तर प्रदेश

2. भारत का कौनसा पहला अस्पताल है जिसके अंदर फायर स्टेशन स्थापित किया गया है ?
Ans. एम्स दिल्ली

3. किस क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर खिलाडी शाकिब अल हसन को आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ अवार्ड से सम्मानित किया है ?
Ans. बांग्लादेश क्रिकेट टीम

4. ब्रिटिश कंपनी होउसेफ्रेश की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2020 में विश्वभर में सबसे प्रदृषित देश कौनसा था ?
Ans. बांग्लादेश

5. अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ब्रिगेडियर बी डी मिश्रा को किस राज्य का अतिरिक्त प्रभार दिया है ?
Ans. मिजोरम

6. प्रधानमंत्री ने लगातार कौनसी बार लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया है ?
Ans. 8वी

7. किस एयरलाइन कंपनी ने ओलम्पिक में पदक जीतने वाले खिलाड़़ियों को 5 वर्ष तक फ्री हवाई सफर देने की घोषणा की है ?
Ans. गो फर्स्ट एयरलाइन कंपनी

8. किस राज्य ने वंदना कटारिया को “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान” का ब्रांड एम्बेस्डर नियुक्त किया है ?
Ans. उत्तराखंड

9. कौन सा एप्प विश्वभर में सबसे अधिक बार डाउनलोड किये जाने वाला ऐप बन गया है ?
Ans. टिकटॉक

10. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कितने पुलिस कर्मियों को पदक से सम्मानित किया गया है ?
Ans. 1,380 पुलिस कर्मी

अभिवृद्धि एवं विकास

अभिवृद्धि एवं विकास 🔰
(GROWTH & DEVELOPMENT)

➤ मानव जीवन का प्रारम्भ गर्भावस्था से माना जाता है।
➤ अभिवृद्धि प्रारम्भ होती है- गर्भावस्था किन्तु विकास की अवस्था प्रारम्भ जन्म के पश्चात् होता हैं।
➤ विकास का प्रारम्भ – गर्भावस्था
➤ अभिवृद्धि एवं विकास दोनों ही एक बालक के लिए आवश्यक है। विकास से तात्पर्य किसी भी बालक के शारीरिक, मानसिक, सामाजिस एवं संवेगात्मक पक्षों में होने वाले परिवर्तन से है जबकि अभिवृद्धि से कार्य केवल शारीरिक पक्ष में होने वाले परिवर्तन से है।

विकास अभिवृद्धि

1.सम्पूर्ण पक्षों में परिवर्तन केवल शारीरिक पक्ष
में परिवर्तन
2.व्यापक है संकुचित है
3.जीवन पर्यन्त चलता है। निश्चित समय तक
(16-18)
4.निरंतर चलने वाली प्रक्रिया बाल्यवस्था में कुछ
समय के लिए स्थाई
(मन्द गति)
5.विकास हमेशा चारों पक्षों में होता है- अभिवृद्धि केवल
शारीरिक पक्ष
को दशार्त

राजस्थान के जातीय लोकनृत्य

💠 गरासिया वालर नृत्य – बिना किसी वाद्य यंत्र के स्त्री-पुरुषों द्वारा दो अर्द्धवृतों में धीमी गति का नृत्य।कूद नृत्य – गरासिया स्त्री-पुरुषों द्वारा तालियों की ध्वनि पर बिना वाद्य यंत्र का नृत्य।जवारा नृत्य – होली दहन के समय स्त्री-पुरुषों द्वारा नृत्य।लूर नृत्य – लूर गौत्र की स्त्रियों द्वारा वधू पक्ष से रिश्ते की मांग करने का नृत्य।मोरिया नृत्य – विवाह के अवसर पर पुरुषों का समुह नृत्य।मांदल नृत्य – मांगलिक अवसरों  पर स्त्रियों का वृताकार नृत्य।रायण नृत्य – मांगलिक अवसरों पर पुरुषों का नृत्य।गौर नृत्य– गणगौर पर स्त्री-पुरुषों का सामूहिक नृत्य।💠 भीलगवरी(राई) नृत्य – गवरी उत्सव पार्वती की आराधना में 40 दिन चलता है। इसमें शिव व भस्मासुर की कथा का अधिक प्रचलन है। शिव को पुरिया और मसखरे को कुटकुड़िया कहा जाता हैं।गैर नृत्य – होली के अवसर पर भील पुरुषों द्वारा किया जाने वाला सामूहिक वृताकार नृत्य।नेजा नृत्य – होली व मांगलिक अवसरों पर भील स्त्रियों का सामूहिक खेल-नृत्य।द्विचक्री नृत्य – विवाह वह मांगलिक अवसरों पर पुरुष बाहरी वृत और महिलाएं अंदर के  वृत में नाचती है।घूमरा नृत्य – मांगलिक अवसरों पर भील महिलाओ द्वारा ढोल व थाली पर किया जाने वाला नृत्य।हाथीमना नृत्य – विवाह के अवसर पर किया जाता है।युद्धनृत्य नृत्य – दो दलों द्वारा युद्ध का अभिनय करते हुए किया जाता है।💠 कथोड़ीमावलिया नृत्य – नवरात्रों में उदयपुर के कथोड़ी पुरुषों द्वारा किया जाने वाला समूह नृत्य।होली नृत्य – होली के अवसर पर कथौड़ी  महिलाओं द्वारा किया जाने वाला समुह नृत्य।💠 सहरियाशिकारी नृत्य –  बाँरा जिले के सहरिया पुरुषों द्वारा शिकार का अभिनय करते हुए किया जाता है।लहँगी नृत्य – सहरियो का सामूहिक नृत्य।💠 कंजरचकरी नृत्य – कंजर बालाओ द्वारा तेज गति से किया जाने वाला चक्राकार  नृत्य, जो हाड़ौती क्षेत्र में प्रसिद्ध है।धाकड़ नृत्य – कंजरो द्वारा झाला पाव की विजय की खुशी में किया जाने वाला युद्ध नृत्य।💠 कालबेलियाइण्डोणी नृत्य – स्त्री पुरुषों द्वारा पूँगी व खंजरी वाद्य पर किया जाने वाला वृताकार नृत्य।शंकरिया नृत्य –  कालबेलियों का आकर्षक प्रेमकथा आधारित युगल-नृत्य।पणिहारी नृत्य – पणिहारी गीत के साथ युगल-नृत्य।बागड़िया नृत्य – स्त्रियों द्वारा भीख मांगते समय किया जाता है गुलाबो ने कालबेलिया नृत्य को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई।💠 गुर्जरचरी नृत्य – किशनगढ़ अजमेर क्षेत्र में गुर्जर महिलाएं मांगलिक अवसरों पर सिर पर चरी बर्तन से दीपक जलाकर नृत्य करती है फलकूबाई प्रसिद्ध चरी नृत्यांगना है।💠 मेवरणबाजा रतवई नृत्य – स्त्री-पुरुषों द्वारा मिलकर मांगलिक अवसरों पर किया जाता है मेव स्त्रियां सिर पर इण्डोणी व खारी नृत्य करती है और पुरुष अलगोचा व टामक बजाते है।